समय की गणना करने के लिए दिन, महिनों के बाद नम्बर आता है ऋतुओं का. एक वर्ष को छह ऋतुओं में बांटा गया है. यानि एक ऋतु दो महिने की होती है. नीचे ऋतुओं के नाम की तालिका दी जा रही है.
ऋतुओं के नाम पालि भाषा में (उतुनं नामानि) – Seasons Name in Pali Language
आप जानते है एक वर्ष में 12 माह होते है. भारतीय कैलेण्डर चैत्र मास से शुरु होता है और फाल्गुन पर खत्म हो जाता है. मगर, इस कैलेण्डर का उपयोग आधुनिक कैलेण्डर (जिसे ग्रेगोरियन कैलेण्डर के नाम से जानते है) के आगे फीका साबित हुआ है.
इस कैलेण्डर के स्थान पर जनवरी-दिसंबर वाला अंग्रेजी कैलेण्डर का उपयोग ही प्रचलित है. और उसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है. इसलिए, यहाँ आपकी सुविधा के लिए दोनों कैलेण्डरों को पालि भाषा में लिखने का तरीका बताया गया है.
भारतीय महिनों के पालि भाषा में नाम (मासानं नामानि) – Months Name in Pali Language
भारतीय महिने
पालि नाम
चैत्र
चित्तमासो
वैशाख
वेसाको
ज्येष्ठ
जेट्ठमासो
आषाढ़
आसाळ्हो
सावन
सावणो
भाद्रपद
पोट्ठपादो
आश्विन
अस्सयुजो
कार्तिक
कत्तिको
मार्गशीर्ष
मागसिरो
पौष
फुस्सो
माघ
माघो
फाल्गुन
फग्गुणो
अंग्रेजी महिनों के पालि नाम (मासानं नामानि)
अंग्रेजी महिने
पालि नाम
जनवरी
जनवरीमासो
फरवरी
फरवरीमासो
मार्च
मच्चमासो
अप्रेल
अपरिलमासो
मई
मईमासो
जून
जूनमासो
जुलाई
जुलाईमासो
अगस्त
अगत्तमासो
सितम्बर
सितम्बरमासो
अक्टुबर
अकटूबरमासो
नवम्बर
नवम्बरमासो
दिसम्बर
दिसम्बरमासो
आप देख सकते है अंग्रेजी महिनों को पालि में लिखना कितना सरल है. केवल अंत में मासो शब्द जोड़ने से अंग्रेजी महिने पालिमय हो जाते है.
केवल तीन महिनों के नाम छोटा सा परिवर्तन भाषा के नियमों के कारण हुआ है.
जैसे:
मार्च – मच्च + मासो = माच्चमासो
अप्रेल – अपरिल + मासो = अपरिलमासो
अगस्त – अगत्त + मासो = अगत्तमासो
शेष नौ माह में आप “मासो” जोड़कर पालि में बदल सकते है.
पालि में दिनों के नाम लिखना बहुत ही सरल है. आप हिंदी में मामूली सा फर्क करते हुए पालि भाषा में दिनों के नाम लिख सकते है. नीचे पालि तथा हिंदी में दिनों यानि वारों के नाम दिए गए है.
दिवसानं नामानि (दिनों के नाम पालि में) – Days Name in Pali Language
हिंदी
पालि
रविवार
रविवारो
सोमवार
सोमवारो
मंगलवार
मङ्गलवारो
बुधवार
बुधवारो
गुरुवार
गुरुवारो
शुक्रवार
सुक्कवारो
शनिवार
सनिवार
पालि में दिनों के नाम लिखने का एक सरल नियम यह है कि आप सभी दिनों के आखिर वर्ण में “ओ” लगाकर अंत करें. जैसे; सोमवार में आख्रिरि अक्षर ‘र” में ‘ओ’ जोड़ने पर “रो” बनेगा तो आप पालि में सोमवार को सोमवारों लिखेंगे.
बाकि ‘श’ के स्थान पर “स” इस्तेमाल करना है. क्योंकि पालि वर्णमाला में “श” नहीं होता.
किसी भाषा में केवल शब्द ही मायने नहीं रखते है. शब्दों के बाद संख्या का भी अपना महत्व है. इसलिए, पालि संख्या से परिचय होना जरूरी है.
पालि संख्या के बारे में आपको बता दें. पालि में आधुनिक अंक यानि 0, 1, 2, 3… 9 का ही उपयोग संख्या लिखने के लिए होता है. नीचे आपकी सुविधा के लिए 1 – 100 तक पालि गिनती दी जा रही है.
आप इन गिनतियों के आधार पर पालि में संख्या ज्ञान से परिचित हो जाएंगे. आगे की संख्याओं के लिए आप किसी पालि आचार्य अथवा पालि कोश की सहायता लें सकते है.